नेपथ्य से आवाज़,
“तू कौन है?”
फिर एक शान्ति,
जवाब ??

एक प्राण, एक अन्तश्चेतना, 
एक प्रणेता, मानवता का |

नेपथ्य से आवाज़,
“मिथ्या, मिथ्या !!!”
समय थम गया, प्रश्न वही,
“तू कौन है ?”

जवाब, “न जाने कौन !!!”
एक चिर शान्ति |

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