“मौन” है जिनकी वाणी, “मौन” ही जिनका ध्यान,
“मौन” ही जिनकी साधना, वो हैं मेहेर बाबा “मेहेरवान”|

“मौन” रहकर ही दिया, उसने “मौन” का ज्ञान,  Read more

एक समय की बात है, एक गाँव में महान ऋषि रहते थे| लोग उनके पास अपनी कठिनाईयां लेकर आते थे और ऋषि उनका मार्गदर्शन करते थे| एक दिन एक व्यक्ति, ऋषि के पास आया और ऋषि से एक प्रश्न पूछा| उसने ऋषि से पूछा कि “गुरुदेव मैं यह जानना चाहता हुईं कि हमेशा खुश रहने का राज़ क्या है (What is the Secret of Happiness)?” Read more

ए ज़िंदगी बड़ी अजीब हो तुम
अमीर तो कहीं ग़रीब हो तुम

कोई नाम दो अब रिश्ते को  Read more

रिवाज़ न हो भले ही पढी किताबें पढने का//
जिंदगी के सीखे सबक रोज़ याद करने होते है//
आभा….

ऐ अन्ज़ान,
तुम मेरी जिन्दगी की वो कमीं हो,
जो जिन्दगी भर रहोगे।

काश ज़िन्दगी ऐसा एक सवाल बन जाए
जिसका कोई न कोई हल निकल आये…
आभा……

इस जिन्दगी की बस एक ही कहानी है,
कंही ठहरा तो कंही बहता हुआ पानी है,

न जाने कोई राज़  बहते हुये अश्कों का,  Read more

हर गली हर कूचे में बाग़बान मिल जाये
गर इंसान के भीतर इंसान मिल जाये

उधार ना सही नक़दी दुकान मिल जाये  Read more

मेरे घर के रास्ते में नदिया नहीं बहती है
वक़्त की धूल है जो उँगलियों से झरती है

ले सको तो ले लो अपने दुःख औ अपने सुख Read more

हमारी आँख में रह कर भी हमसे दूर कितने हैं
उनके पास होकर भी हम मजबूर कितने हैं
दिल धड़कता है तो आवाज़ गुंजती है
उनकी याद में रहकर के हम खामोश इतने हैं

यूं भी जी लूंगी बस जिये जाने तो दो
काटूंगी बलायें ज़रा लफ्जों पे धार आने तो दो

अंधेरा मुंह छुपा के भाग जायेगा  Read more

इस अतुल अन्ज़ान की भी जिन्दगी किसी रोज़ होगी रोशन,
उसे इन्तज़ार सुबह का नही, बस किसी के लौट आने का है!

Kabhi tum hume kareeb se aa k dekhna…
Itna mushkil nahi hu, zara sa samaj k dekhna….

Main tumhe ek behtarin insaan ki tarah nazar aaunga, Read more

Wo Puri tarah zindagi m aate bhi nahi…
Kahi dafa koshis ki par aankho k saamne se jaate bhi nahi….
Wo kahenge 1 baar to 100 baar bhi chal denge,   Read more

मैं तुम्हारे लिए, जिंदगी भर दहा,तुम भी मेरे लिए रात भर तो जलो !
मैं तुम्हारे लिए, उम्र भर तक चला,तुम भी मेरे लिए सात पग तो चलो..!

दीपकों की तरह रोज़ जब मैं जला,तब तुम्हारे भवन में दिवाली हुई,  Read more

जिन्दगी की सरलता से परहेज हो गया….
हमें उस दिन जिन्दगी से फिर इश्क़ हो गया….
जब पाई शिक्सत उन गलियों में जीनमे उनका ठिकाना था…
लगा बिना ईद  ही ईद के चॅाद का दिदार हो गया ….

‘ग़ज़ब’ की ‘एकता’ देखी “लोगों की ज़माने में” … !
‘ज़िन्दों’ को “गिराने में” और ‘मुर्दों’ को “उठाने में” … !!

थकन जिंदगी की और गहरी लग रही है
जाने क्यूं सांस कुछ ठहरी लग रही है
पिया तो है ज़हर मैने अमृत समझ कर Read more

ग़ज़ल कुछ इस तरह से लिखने लगा है वो,
खुशबू की तरह दिल में महकने लगा है वो ।

आसुओं से करता रहा नफ़रतें जो उम्र भर, Read more

जो बीत गई सो बात गई…

जीवन में एक सितारा था
माना वह बेहद प्यारा था
वह डूब गया तो डूब गया  Read more