इक ज़रा सी ज़िंदगी में इम्त्तिहां कितने हुये
बोलने वाले न जाने बेज़ुबाँ कितने हुये

ध्रुव तारा ज़िंदगी का कौन होता है कहीं  Read more

मैं शायर तो नही, करता हूँ शायरी तेरी याद में
मेरे कदमो में ज़न्नत तो नही, लेकिन तेरी मोहबत किसी ज़न्नत से कम तो नही.
-Nisha nik.

दर्द में हम गाते है, लोगो को अपने नगमे हम सुनाते है
हम लिखते है तुम्हारी याद में और लोग हमे  शायर कह जाते है।

 

मुझे तूझसे कोई सिकवा नही
तेरे दरद को श्यारी बना दिया

मैंने भी अपने हारे मुकदर को
तेरी याद में जीत का सिकंदर बना दिया

-Nisha nik.

कोई दर्द, कोई चुभन जब हद से गुजर जाए,तो याद करना,
जिन्दगी में कभी जरूरत पड़ जाए,तो याद करना।

बिछड़ते वक्त के ये आखिरी, अल्फाज थे उनके, Read more

कभी पास बैठ कर गुजरा कभी दूर रह कर गुजरा
लेकिन तेरे साथ जितना भी वक्त गुजरा बहुत खूबसूरत गुजरा ।

मुद्दतों बाद वो दिखे मुझे,
पर अपनों की निगरानी थी,
खुश्बू जानी-पहचानी थी। Read more

जरा बारिश क्या हुई मेरे शहर में
के तेरी यादें बिखर गयी सावन की तरह ।

रह-रह कर अब याद आ रहा,
वो मेरा एकाकी जीवन।

इक कमरे का रहवासी था, Read more

ये अलहड सी हवायें,
मुझको तेरी याद दिलाती हैं।
जब पूरवायि चलती हैं
तो तेरे पास होने का ऐहसास दिलाती है।
ये गरम-गरम सी हवायें तेरे दूर होने की
खबर से मेरे दिल को जलाती है।
ये अलहड सी हवायें ,
मुझको तेरी याद दिलाती है।

उनकी यादों को पहन……….कर मतवाली हुयी जाती है
ऎ रात……….. इस सांझ को काजल का टीका लगा दो ना….
आभा चन्द्रा…

उनसे मत कहना, कि उन्हें याद किया है,
ऐ हवा उनसे मिलके आना जरुर।

मुझे जुल्फें संवारने का मौका दें ना दें,  Read more

उस जगह की पहले सी क्यों, शामो-सहर नहीं है,
क्यों तेरा शहर मेरा शहर नहीं है।

जब भी आया यहां मेहमान की तरह, Read more

Wo Puri tarah zindagi m aate bhi nahi…
Kahi dafa koshis ki par aankho k saamne se jaate bhi nahi….
Wo kahenge 1 baar to 100 baar bhi chal denge,   Read more

Ham unhe pyar karte hai , Har waqt unhe yad karte hai.
Ek din jindgi ne aake kaha,Are ashiq kabhi mera bhi to maza le.
Hame kaha are jindgi , Bina unke teri ibadat nahi.
le chal mujhe waha, jaha unhone hamara sath choda tha.
Gar Kar Sakti hai Itna kar, warna hame teri jarurat nahi-2.

Dost Ko Dost Ka Ishara Yaad Reheta Hai;
Har Dost Ko Apna Dostana Yad Reheta Hai;
Kuch Pal Sachhe Dost Ke Saath To Gujaro;
Woh Afsana Maut Tak Yaad Rehta Hai!