जग हमे भुल जाये, पर तुम ना भुलाना कभी
आँखे कभी हमारी मिल जाये तो, आँखे ना चुराना कभी

हम जिन्दगी का सफ़र , साथ निभा तो नही सकते
पर जब साथ देने का समय आये तो हाथ ना छुङना कभी।

Nisha nik.

मायूस हो गया हूँ जिंदगी के सफर से इस कदर
कि ना खुद से मिल पा रहा हूँ ना मंजिल से।

इस मर्तबा सफर यूँ बेकार रहा,
उनकी गली में भी उनका दीदार न हुआ।

न जाइये अंधेरों को यूँ मेरा हम सफ़र करके
कई काम अधूरे बाक़ी हैं आ जाओ सहर करके

–सुरेश सांगवान’सरु’

यही है इल्म मिरा यही हुनर भी है
नहीं फसील-ए-अना यही गुज़र भी है

बसी है कहाँ इंसानियत जानूं हूँ  Read more

मेरे दिल का वही कोना जागता रहता है
जहां तेरी यादों का सफर साथ रहता है.
आभा..

ना पूछो के मंजिल का पता क्या है,
अभी बस सफर है सफर का दीदार  होने दो…

हमें परवाह नहीं की जीत  हमारी है या हार, Read more

यूँ मौसम का असर गया गोया
रंग-ए-गुल और निखर गया गोया

हुआ महसूस ये देखकर उसे  Read more

सामने मंजिल थी और पीछे उसका वजूद… हम भी क्या करते यारो,
रूकते तो सफर रह जाता… चलते तो हमसफर रह जाता………!!!!

नज़रें नीची और ख्वाब ऊँचे रखती हूँ
ऐ ज़िन्दगी तेरी धुन पे नाच लेती हूँ
चेहरे पर मुस्कान सजा लेती हूँ  Read more

ग़ज़ल पर ग़ज़ल मैं तुझको सोचकर लिखती रही
मेरी  ज़िंदगी   तुझे   मैं   उम्र  भर  लिखती  रही

क़िताब- ए- हसरत और मेरे अश्क़ों की सियाही  Read more

तेरा हाथ, हाथ में हो अगर, तो सफर ही असले हयात है.
मेरे हर कदम पे है मंज़िलें, तेरा प्यार ग़र मरे साथ है,

मेरी बात का मेरी हमनफ़स, तू जवाब दे कि ना दे मुझे, Read more

हर तरफ हर जगह बेशुमार आदमी
फिर भी तनहाइयों का शिकार आदमी

सुबह से शाम तक Read more

बरसों के बाद देखा इक शख्स दिलरुबा सा
अभी जहन में नहीं है पर नाम था भला सा

अबरू खिंचे खिंचे से आखें झुकी झुकी सी Read more

वो नहीं मिला, तो मलाल क्या , जो गुज़र गया, सो गुज़र गया
उसे याद करके न दिल दुखा , जो गुज़र गया, सो गुज़र गया

न गिला किया, न ख़फ़ा हुए, Read more

झूठी बुलंदियों का धुँआ पार कर के आ
क़द नापना है मेरा तो छत से उतर के आ

इस पार मुंतज़िर हैं तेरी Read more