दिल के जख्मों पर, मलहम लगा दिया,
वरना नासूर हो जाता, तो क्या करता।

नामूमकिन ख्वाबों को, खामोश कर दिया, Read more

सुप्रभात

नये रिस्तों से बंधन, कुछ बेगाने हो गये,
अनजाने अपने हुए, अपने अनजाने हो गये।  Read more

दिल के जख्मों पर, मलहम लगा दिया,
वरना नासूर हो जाता, तो क्या करता।

नामूमकिन ख्वाबों को, खामोश कर दिया,  Read more

दूरियाँ बताएँगी नज़दीकियां कितनी हैं
इंसानी रिश्तों में बारीकियां कितनी हैं

—-सुरेश सांगवान’सरु’

क्या बताऊँ ये जिंदगी किस मोड़ पे ले आई है
आज तो उन रिश्तों का भी हमसे विश्वास उठ गया जिन्हें दुनिया वाले खून के कहते हैं।

कुछ इस तरह से बदनाम, मै ज़माने में रहा,
कि नाकाम हर इक रिश्ता, निभाने में रहा,

ये कैसे बताये उनको, कि मगरूर नही हम,  Read more

ए ज़िंदगी बड़ी अजीब हो तुम
अमीर तो कहीं ग़रीब हो तुम

कोई नाम दो अब रिश्ते को  Read more

हाले ऐ दिल अपना कभी सुनाओ भी
कभी हमसे मिलो खुद को मिलवाओ भी

यहाँ हर शख़्स सलीब पर है अकेला  Read more

दीवानों से उस बेगाने का ,रिश्ता लगता है,
मुझे चेहरे से वो पागल, फरिश्ता लगता है,

वो भी पहले हँसता था,कहते है सब लोग,  Read more

हाले ऐ दिल अपना कभी सुनाओ भी
कभी हमसे मिलो खुद को मिलवाओ भी
यहाँ हर शख़्स सलीब पर है अकेला  Read more

निकल पड़ता है घर से रोज़ दर्द-ए-दिल भुलाने को,
राह पकड़ता है बुतख़ाने की या जाता है मयख़ाने को।

मेरे माज़ी के मुझपे हैं कुछ एहसान बेशुमार,  Read more

मैंने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आँसू
मुद्दतों माँ ने नहीं धोया दुपट्टा अपना…

ऐ दोस्त तेरी दोस्ती पे क्या ग़ज़ल कहूँ,
अलफ़ाज़ ही नहीं के तेरा शुक्रिया करूँ ।

सितारे सुना गए मुझको कल रात कई किस्से,
हर एक किस्से ने किये मेरे दिल के कई हिस्से।

जुटाता है रोटियां वो अपने बच्चों की खातिर,  Read more

कानून की कोई दफ़ा मोहब्बत पे भी लगाई जाये,
कड़ी से कड़ी कोई सज़ा मोहब्बत को भी सुनाई जाये,
ईश्क का फ़रेब से इसका रिश्ता बहुत गहरा है,
बस यही इक बात आज अदालत को भी बताई जाये।
अन्ज़ान

दफ़ा कोई मोहब्बत पे भी लगाई जाये,
सज़ा कोई मोहब्बत को भी सुनाई जाये,

इश्क का फरेब से इसका रिश्ता गहरा है,  Read more

बुझी का बुझाना क्या जली का जलाना क्या
रिश्ते निभा न सकें उनसे मिलना मिलाना क्या

मिला कर ए दोस्त
गर तू चाहे मिलना मुझसे

मेरे गीतों में मेरी नज़्मों में Read more

हर रिश्ते का नाम जरूरी नहीं होता मेरे दोस्त,
कुछ बेनाम रिश्ते रुकी जिंदगी को साँस देते है…

शाम से आँख में नमी सी है
आज फिर आप की कमी सी है

दफ़्न कर दो हमें कि साँस मिले Read more