हाले ऐ दिल अपना कभी सुनाओ भी
कभी हमसे मिलो खुद को मिलवाओ भी

यहाँ हर शख़्स सलीब पर है अकेला  Read more

हाले ऐ दिल अपना कभी सुनाओ भी
कभी हमसे मिलो खुद को मिलवाओ भी
यहाँ हर शख़्स सलीब पर है अकेला  Read more

ज़बरन  ही  हामी  भराई  गई  थी
शादी   के  मंडप  बिठाई  गई  थी

अजीब सी हालत थी दिल की मगर  Read more

एक ऐसा भी वक़्त होता है,
जब मुस्कराहट भी आह होती है…

टूटे हुए सपनों और छूटे हुए अपनों ने उदास कर दिया,
वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सीखने आया करती थी…