आज तक सब खोया ही खोया था, बस एक तुम्ही को पाया है
और तुम भी अलविदा कह गये ये कहकर की छोड़ो सब मोह माया है
तुम क्या जानो क्या हालत हो गई है इस दिल की,
जो पूरी रात तुम्हारी याद मे रोया है।
ना मिलता है सुबह शुभ दिन का संदेश तुम्हारा ना रात में तुम्हारे ख्वाबों का साया है
आखिर ऐसी क्या वजह है जो तुम्हें ये लगने लगा की सब मोह माया हैं।

हाले ऐ दिल अपना कभी सुनाओ भी
कभी हमसे मिलो खुद को मिलवाओ भी
यहाँ हर शख़्स सलीब पर है अकेला  Read more

ज़बरन  ही  हामी  भराई  गई  थी
शादी   के  मंडप  बिठाई  गई  थी

अजीब सी हालत थी दिल की मगर  Read more