बागों में विविध पुष्प और मनभावन उनकी लाली,
भर गया सलिल चहुँ ओर दिखती हर दिश ही हरियाली।
पतझड़ में उजड़े पत्ते आए,भर गई पात से डाली,  Read more

जरा बारिश क्या हुई मेरे शहर में
के तेरी यादें बिखर गयी सावन की तरह ।