आबलापा कोई इस दश्त में आया होगा|
वर्ना आँधी में दिया किस ने जलाया होगा|

ज़र्रे-ज़र्रे पे जड़े होंगे कुँवारे सजदे,  Read more

मेरे सजदों में कमी तो नहीं थी ‘फ़राज़’,
क्या मुझ से भी बढ़ के किसी ने माँगा था उसको…