मैं शायर तो नही, करता हूँ शायरी तेरी याद में
मेरे कदमो में ज़न्नत तो नही, लेकिन तेरी मोहबत किसी ज़न्नत से कम तो नही.
-Nisha nik.

दर्द में हम गाते है, लोगो को अपने नगमे हम सुनाते है
हम लिखते है तुम्हारी याद में और लोग हमे  शायर कह जाते है।

 

जब तेरे इश्क में, भुलाया खुद को,
अब लोग मुझसे, मेरा नाम पूछते है,

किस पे लिखते हो, इतनी शिद्दत से,
अब दोस्त मुझसे,  Read more