हर शख़्स का जहां में ये हाल-ए-ज़ार रहता है
नज़र में किसी का पल-पल इंतेज़ार रहता है

–सुरेश सांगवान’सरु’

सोई हुई रातों में, धड़कनें बढ़ाती है,
कोई तो है जो दिल को लुभाती है।

उस बात की आज भी, देखिए खुमारी है, Read more

क्या कहूँ दिल-ए-नादान से कैसे निजात करता हूँ,
अब तो आलम ये है खुद ही से बात करता हूँ।

तेरी बेरूखी का नतीज़ा ये कैसा हुआ, Read more

इस दुनिया के सबसे खुशनसीब शख्स हम होते,
गर इस तन्हा रात में तकिये की जगह हमारी बांहों मे तुम होते।

हाले ऐ दिल अपना कभी सुनाओ भी
कभी हमसे मिलो खुद को मिलवाओ भी

यहाँ हर शख़्स सलीब पर है अकेला  Read more

हाले ऐ दिल अपना कभी सुनाओ भी
कभी हमसे मिलो खुद को मिलवाओ भी
यहाँ हर शख़्स सलीब पर है अकेला  Read more

आगाज़ तो होता है अंजाम नहीं होता
जब मेरी कहानी में वो नाम नहीं होता

जब ज़ुल्फ़ की कालिख में घुल जाए कोई राही Read more

अजीब शख्स है नाराज़ हो के हँसता है,
मैं चाहता हूँ खफ़ा हो तो वो खफ़ा ही लगे…

-बशीर बद्र

बुलंदी देर तक किस शख्स के हिस्से में रहती है
बहुत ऊँची इमारत हर घड़ी खतरे में रहती है

बहुत जी चाहता है कैद ए जाँ से हम निकल जायें
तुम्हारी याद भी लेकिन इसी मलबे में रहती है…

-मुनव्वर राना