पानी से भी आजकल सस्ता हो गया
ज़मीर आसान-ओ-आम रास्ता हो गया
-सुरेश सांगवान’सरु’

कभी क़ातिल कभी ख़ुदा होगा
उनकी आँखों में क्या नहीं होगा ।।

अपने घर से जिधर भी जायेंगे  Read more

बाज समय की कोठरी से
निकल एक दिन
किसी छोटे बच्चे की उॅंगली पकड़
ब्रह्माण्ड को इस छोर से उस छोर तक  Read more

मैं खुश हूँ की तुझसे कोई वास्ता तो है,
मेरे दिल में तेरी याद का एक रास्ता तो है।

वो घर में ही रहता है पर एक तसल्ली है, Read more