अभी इन आँखों पर पलकों का गुज़र जाना बाकी है,
ये नींद सामने है पर आपकी आँखों पर संवर जाना बाकी है,
रात गहरी है और सपनो का बिखर जाना बाकी है,
आप मुराद मांगिये तो सही ये सितारा अभी टूटा नहीं, इसका टूट जाना अभी बाकी है. Read more

दिन गुज़र जाता है बेमुरव्वत राही की तरह
रात आती है फिर सवालों की भीड़ लिये…
आभा….

सुबह की सफेदी ने आसमान का स्हाय रंग उडा डाला….
रात की हुकूमत लुट जाने से इन उदास तारों ने खुद को छिपा डाला….
उनके इश्क़ की हुकूमत ही इतनी थी हमारी रुह पर के ना चाहते हुए भी हमने उन्हें अपनी मल्लिका बना डाला……

भीड़ तन्हाई की घटे तो खुद को ढूंढू मैं
कि तेजी है बहुत, अकेली रात के लहज़े में…..
आभा…

मैं तुम्हारे लिए, जिंदगी भर दहा,तुम भी मेरे लिए रात भर तो जलो !
मैं तुम्हारे लिए, उम्र भर तक चला,तुम भी मेरे लिए सात पग तो चलो..!

दीपकों की तरह रोज़ जब मैं जला,तब तुम्हारे भवन में दिवाली हुई,  Read more

समझता है के एक वही है शहर में दाना,
किस्मत बुलंद है उसकी जो हमसे नहीं मिला ।

हद-ए-इंतज़ार देखो क़यामत भी आ गयी,  Read more

टुकड़े-टुकड़े दिन बीता, धज्जी-धज्जी रात मिली
जिसका जितना आँचल था, उतनी ही सौगात मिली

रिमझिम-रिमझिम बूँदों में, ज़हर भी है और अमृत भी Read more

समझता है के एक वही है शहर में दाना,
किस्मत अच्छी है उसकी जो हमसे नहीं मिला।

हद-ए-इंतज़ार देखो क़यामत भी आ गयी,  Read more

सितारे सुना गए मुझको कल रात कई किस्से,
हर एक किस्से ने किये मेरे दिल के कई हिस्से।

जुटाता है रोटियां वो अपने बच्चों की खातिर,  Read more

कभी आंसू कभी खुशबु कभी नगमा बनकर
हमसे हर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर

चाँद निकला है तेरी आँख के आंसू की तरह Read more

आज से अब से  कोई  गीत  ऐसा  गाएँ  हम
चाहे गम मिले या खुशियां बस  मुस्कुराएँ हम

जब हदें  नहीं  कोई खुले इन आसमानों की Read more

नसीब इन्सान का चाहत से ही सँवरता है
क्या बुरा इसमें किसी पर जो कोई मरता है
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हाल-ए-दिल ना पूछ भरी महफ़िल में कि उदास क्यों हूँ,   Read more

कल रात फिर से ख्वाब में तुम आये मगर,
सुनो अपनी मजबूरियां साथ ना लाया करो… ~a~

कोलाहल मन के भीतर, अंतर्मन व्याकुल,
भयाक्रांत सब दिशायें, हलचल प्रतिपल|

स्वर्णिम दिवस हरित रात्रि,कहाँ ग़ुम हुई?,  Read more

कहीं न कहीं तुम
मेरे शब्दों में झांक रहे
कैसे कहूँ याद नहीं आते हो  Read more

पंख लगाकर मेरे ख्वाबों को ले जाओ कहीं दूर,
कमबख्त रात में आते हैं और सोने भी नहीं देते…

रात की कालिख जब उफ़ान पर होती है
तेरी बाहों के चिरागों से तब सहर होती है

रोती है बहुत तब कोई नादान चकोरी Read more

तेरे कदमो की आहट रात भर सोने नही देती
इस कदर दिल पर मेरे तुम राह बनाये हो

नीतू