वो मज़ा ए तड़प कहाँ ग़र सब एक साथ मिल जाय,
ग़ुमनाम किश्तों मे मरने का मज़ा ही कुछ और है… ग़ुमनाम

तहरीरें   काग़ज़   पर   उतार  लीजिये
लीजिये ये  क़लम   मेरा   उधार   लीजिये

जब  फ़र्श-ए-गुल लगा  दिया हवाओं ने Read more