ऐ मुल्क,
जब कभी जी में आये तो ले लेना इम्तिहान हमारी देशभक्ति का,
हम मुल्क की खातिर लहू भी दें देगें चिरागों में जलाने के लियें।

मैं दहशतगर्द था मरने पे बेटा बोल सकता है
हुकूमत के इशारे पे तो मुर्दा बोल सकता है

यहाँ पर नफ़रतों ने Read more