थम जा ऐ वक्त आज यही पर,
फिर ना जाने कब उनसे मुलाकात होगी।

कितने बदल गये हालात किसी के जाते ही
बदली मौसम की भी जात किसी के जाते ही

गम किस बला का नाम है दर्द का पता ना था
निकली अश्क़ों की बारात किसी के जाते ही  Read more

गए ज़माना हुआ तुझे,
ऐ मेरे लख्त-ए-जिगर,
आ भी जा अब लौट कर,  Read more