ऐ इश्क एक शिकायत हमको भी है तुझसे
गवाही दे तो दोनों तरफ की दिया कर
हमें मुजरिम बना देता है तेरा एकतरफा होना।

ऐ अन्ज़ान उससे कह दो कि मेरी सजा कुछ कम कर दें,
हम पेशे से वकील है मुज़रिम नही,
बस हमसे गलती से ईश्क हो गया था।