यूँ चेहरे पर नक़ाब लगाते हैं लोग,
कुरेद के ज़ख्म मेरे, मुस्कुराते हैं लोग,

आइने का ही ऐतबार हो तो कैसे हो,  Read more

आज मुद्दत बाद महफिल में शिरकत किया है कोई,
कि इस नाचीज पे रेहमत किया है कोई।

आज इतना खूबसूरत क्यों लगता है ताज,  Read more

आँख में ख़्वाबों को सजाती हूँ
या कहो मुसीबतें बुलाती हूँ

जश्न महफ़िल में मैं मनाती हूँ  Read more

अजब दुनिया है नाशायर यहाँ पर सर उठाते हैं
जो शायर हैं वो महफ़िल में दरी-चादर उठाते हैं

तुम्हारे शहर में मय्यत को सब काँधा नहीं देते Read more

हमसे ये नुकसान उठना मुश्क़िल है
दिल से तुम्हें जुदा कर पाना मुश्क़िल है

हो जाएँ शुरू गर सिलसिले जुदाई के  Read more

रख दे अब तू भी वहम का बादल निकाल के
क्या रख दूं तेरे सामने मैं दिल निकाल के

निकाल तो डाला मुझे महफ़िल से कई बार  Read more

नसीब इन्सान का चाहत से ही सँवरता है
क्या बुरा इसमें किसी पर जो कोई मरता है
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हाल-ए-दिल ना पूछ भरी महफ़िल में कि उदास क्यों हूँ,   Read more

रौनक-ए-बज़्म, जीनत-ए-खुदाई,
नूर-ए-चश्म, हुस्न इन्तहाई ||

शब-ए-शायर, जाम-ए-शिरीं,  Read more

वो मेहँदी के हाथ दिखा के रोई,
किसी और की होने जा रही हूँ मैं ये बता के रोई ,
कह रही थी की न जी पाऊँगी तुम्हारे बिन,  Read more

सुना है तेरी महफ़िल में सुकून-ए-दिल भी मिलता है,
मगर हम जब भी तेरी महफ़िल से लौटे बे-करार ही लौटे…

अजनबी ख्वाहिशें सीने में दबा भी न सकूँ
ऐसे जिद्दी हैं परिन्दें कि उड़ा भी न सकूँ

फूँक डालूँगा किसी रोज़ Read more

सुला चुकी थी ये दुनिया थपक थपक के मुझे
जगा दिया तेरी पाज़ेब ने खनक के मुझे

कोई बताये के मैं Read more