फिर एक मंदिर ढहा है आज,
एक मस्जिद शहीद हुई है,
इंसानों की बस्ती मैं देखो आज, Read more

मंज़िल अपनी जगह रास्ता अपनी जगह है
ज़िंदगी में सफ़र का मज़ा अपनी जगह है

मंदिर जाते हो कभी मस्जिद जाते हो Read more

मधुशाला भाग – 3 (हरिवंश राय बच्चन)
वादक बन मधु का विक्रेता लाया सुर-सुमधुर-हाला,
रागिनियाँ बन साकी आई भरकर तारों का प्याला,
विक्रेता के संकेतों पर दौड़ लयों, आलापों में, Read more

देव! तुम्हारे कई उपासक कई ढंग से आते हैं
सेवा में बहुमूल्य भेंट वे कई रंग की लाते हैं

धूमधाम से साज-बाज से वे मंदिर में आते हैं Read more