आ रहा था मज़ा जिंदगी का हमें,
शौक भारी पड़ा आशिकी का हमें,

दूर हम से हमारा सनम है अभी, Read more

बे-खुदी बे-सबब नहीं ग़ालिब,
कुछ तो है जिस की पर्दादारी है…