हसरत अभी बाकी है कुछ शाम अभी बाकी है,
तेरे होठों पे थिरकती हुयी ग़ज़ल लगती है यूँ, 

ग़ुमनाम मयकदे में हूँ, और जाम अभी बाकी है,  Read more

ऐ अन्ज़ान,
तुमने मुझसे और बदले में मैने,
ना जाने किस-किस से बेवफाई की।

ये तो ना सोचा था हमने, कोई ख़ुदा हो जायेगा,
दिल से दिल लगा के हमसे, वो जुदा हो जायेगा,

दर्द दिल में है अगर, फ़िक्र फिर किस बात की,  Read more

ऐ अन्ज़ान,
हम भी वकालत करते थे मोहब्बत वालो कि,
एक बेवफा का केस आया और हम खुद ही कटघरे में खड़े हो गये।

अगर बेवफ़ा तुझको पहचान जाते,
ख़ुदा की क़सम हम मुहब्बत न करते,
जो मालूम होता ये इलज़ाम-ए-उलफ़त, Read more

तेरा जाना दिल को कभी गँवारा ना हुआ,
ऐसा रूठा हमसे फिर कभी हमारा ना हुआ,

बहुत हसरत रही कि तेरे Read more

इस से पहले के बे-वफ़ा हो जाएं;
क्यों न ऐ दोस्त हम जुदा हो जाएं;

तु भी हीरे से बन Read more

इतनी मुश्किल भी ना थी राह मेरी मुहब्बत की,
कुछ ज़माना खिलाफ हुआ कुछ वो बेवफा हो गए…

वो नहीं मिला, तो मलाल क्या , जो गुज़र गया, सो गुज़र गया
उसे याद करके न दिल दुखा , जो गुज़र गया, सो गुज़र गया

न गिला किया, न ख़फ़ा हुए, Read more