बिक जायें बाज़ार में हम भी लेकिन उससे क्या होगा,
जिस कीमत पर तुम मिलते हो उतने कहाँ है अपने दाम…
-ग़ुलज़ार

हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते हैं,
जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते हैं…♥