मेरी ख़्वाहिश है कि फिर से मैं फ़रिश्ता हो जाऊँ,
माँ से इस तरह लिपट जाऊं कि बच्चा हो जाऊँ,

कम-से कम बच्चों के होठों की हंसी की ख़ातिर, Read more