तुझे पाने को तेरे नाम से कई दें चुका हूँ अर्जीयाँ,
चलती नहीं मेरी रज़ा सब चलती रब की मर्जीयाँ।
झूठी कसमें झूठे वादे झूठी तेरी मोहब्बते, Read more

कुछ आगो-चिंगारी खाक़ मिरी से माँगते हैं
ये लोग पानी भी सूखी नदी से माँगते हैं
–सुरेश सांगवान’सॅरू’

पानी से भी आजकल सस्ता हो गया
ज़मीर आसान-ओ-आम रास्ता हो गया
-सुरेश सांगवान’सरु’

वो जाते हुये प्यार में, निशानी दे गया,
इक उम्रभर को, आँख में पानी दे गया,

ज़माने से छुपाई थी, बातें मोहब्बत की,
वो ज़माने को सुनाने को, कहानी दे गया,
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मनोज सिंह”मन”

इस जिन्दगी की बस एक ही कहानी है,
कंही ठहरा तो कंही बहता हुआ पानी है,

न जाने कोई राज़  बहते हुये अश्कों का,  Read more

आँखें मेरी भी गीली हो जाती है माँ
तू बहुत ज्यादा याद आती है माँ

चली थी तो खुश थी, डांट नहीं सुनूंगी अब  Read more

आबलापा कोई इस दश्त में आया होगा|
वर्ना आँधी में दिया किस ने जलाया होगा|

ज़र्रे-ज़र्रे पे जड़े होंगे कुँवारे सजदे,  Read more

रंगों में घुली लड़की क्या लाल गुलाबी है,
जो देखता है कहता है क्या लड़की शबाबी है,
पिछले बरस तूने जो भिगोया था होली में,  Read more

बहुत पानी बरसता है तो मिट्टी बैठ जाती है ,
न रोया कर बहुत रोने से छाती बैठ जाती है ,

यही मौसम था जब नंगे बदन छत पर टहलते थे, Read more