हर इंसान का धर्म होता है
धर्म आपसी एकता का
एक मजबूत जोड़ है

समाज में धर्म के नाम पर Read more

ऐ अन्ज़ान,
तुम दूर हो मुझसे, मै इतना परेशान नही होता।
पर किसी और के इतना पास हो, बात तो यह बर्दाश्त नही होती?

मेरी आवाज़ सुनकर के तुम्हारा जी बहलता है
तुम्हारी इन अदाओं पर हमारा दम निकलता है

मेरी खामोशियों को जब से तेरा दिल समझता है  Read more