बाज लगभग ७० वर्ष जीता है, परन्तु अपने जीवन के ४० वें वर्ष में आते-आते उसे एक महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ता है ।
उस अवस्था में उसके शरीर के 3 प्रमुख अंग निष्प्रभावी होने लगते हैं. पंजे लम्बे और लचीले हो जाते है व शिकार पर पकड़ बनाने में
असक्षम होने लगते हैं । चोंच आगे की ओर मुड़ जाती है, और भोजन निकालने में व्यवधान उत्पन्न करने लगती है । पंख भारी हो जाते हैं. Read more

पंख लगाकर मेरे ख्वाबों को ले जाओ कहीं दूर,
कमबख्त रात में आते हैं और सोने भी नहीं देते…