अंधेरों को हमसफ़र किया जाये
नज़रों को यूँ तेज़तर किया जाये

निकले हुए हैं तीर ज़माने भर से  Read more

फेर ली ग़र निगाहें, हया से किसी ने,
फ़कत इक नजाकत थी,नफरत न थी।

फिर तकल्लुफ किया,बदली राहें सभी,  Read more

आज वो मुझसे इतना खफा क्यों है,
है नफरत तो आँखों में बफा क्यों है।

अब तो उनके कूँचे में आना-जाना भी नहीं,  Read more

दूरियां दीवार की मोहताज़ नहीं होती
नफ़रते तलवार की मोहताज़ नहीं होती

कौन बोले है न बोले रब के लिये  Read more

फिर एक मंदिर ढहा है आज,
एक मस्जिद शहीद हुई है,
इंसानों की बस्ती मैं देखो आज, Read more

अब्र की स्याही से लिखा लगता है,
भविष्य मेरे देश का,
कि जल कर ख़ाक हुआ जाता है, Read more

मन के मैल से उल्फ़त का जंतर टूट जाता है
साहिल टूट जाये तो समंदर टूट जाता है

बिखर गया तिनका तिनका आँधी के आने से  Read more

गर आंखो को अश्क पीना आ गया होता
मेरी दीवानगी को भी जीना आ गया होता

भूल जाते हम भी हर इक गम अपना  Read more

बिके न सच और झूठ की दुकान बहुत हैं
वो इसलिए की दिल छोटा अरमान बहुत हैं

घर बसाना है मुश्किल ए दौर-ए-तरक्की  Read more

ऐ अन्ज़ान,
आओ कुछ देर मेरी चाहत की छाँवों में आराम कर लो,
बहुत थक गये होगें ना मुझसे नफरत करते करतें।

काश कुछ दिनों के लिए मुहब्बत और नफ़रत के मानी बदल जाये
फिर चैन से बैठ कर नफरतों में मुहब्बत तलाशेगी दुनिया…. Abha

नफ़रत भी हम हैसीयत देख के करते हैं,
फिर प्यार तो बहुत दूर की बात है…