मीठी नशीली बातों का काफ़िला भी देखा है
जाने ग़ज़ल हमने वो काफ़िया भी देखा है

पूछे लोग मुझसे क्या मैक़दा भी देखा है Read more

#G4.

क्यूँ खोये खोये से मेरे दिलदार नज़र आते हैं,
कोई कह दे हम उनके दीदार को इधर आते हैं,

हथेली में मेरी अक्सर काँटे चुभाने वाले,  Read more

तुम ने चाहत भरी नजरो से देखा हमें
हम गलत समझ बैठे
तुम्हारे इस दिल लगी को मोहब्बत समझ बैठे।

राधा सुकुमारी
प्यार से भी प्यारी
कान्हा के मुरली के तनो पर झुमती ये बृज दुलारी  Read more

हसरत अभी बाकी है कुछ शाम अभी बाकी है,
तेरे होठों पे थिरकती हुयी ग़ज़ल लगती है यूँ, 

ग़ुमनाम मयकदे में हूँ, और जाम अभी बाकी है,  Read more

हर शख़्स का जहां में ये हाल-ए-ज़ार रहता है
नज़र में किसी का पल-पल इंतेज़ार रहता है

–सुरेश सांगवान’सरु’

इक बार मुझे भर के नज़र देख लेने दो
अपनी मोहब्बत का असर देख लेने दो

हर तस्वीर में मेरी तेरे ही रंग हों  Read more

होता है हर एक का ख़्याल अपना नज़र अपनी
दौर-ए-गुमनामी में रखिये सिर्फ़ ख़बर अपनी

–सुरेश सांगवान’सरु’

अंधेरों को हमसफ़र किया जाये
नज़रों को यूँ तेज़तर किया जाये

निकले हुए हैं तीर ज़माने भर से  Read more

फेर ली ग़र निगाहें, हया से किसी ने,
फ़कत इक नजाकत थी,नफरत न थी।

फिर तकल्लुफ किया,बदली राहें सभी,  Read more

झुकी हुई नजरों से,मुस्कुराना तेरा,
बहुत याद आ रहा, मिल के जाना तेरा।

वो नजाकत औ शरारत, कि अब तक याद है,  Read more

तलाश जिसकी रही हाथ वो ख़बर आई
आँखें बंद जब हुई रोशनी नज़र आई
–सुरेश सांगवान’सरु’

वो ख़्वाब है हक़ीक़त बनता नज़र नहीं आता
ये ख़्वाब मिरा मरने तक मरता नज़र नहीं आता

—-सुरेश सांगवान’सरु’ Read more

जो नज़रो से एहतराम,हमारा नही करते,
उनसे गुफ्तगूं भी, हम गंवारा नही करते,

तरसते रहे दीवाने, उनके दीद को,मगर,  Read more

आस्मां हमेशा मेरे ही कदमों में नजर आया करता है ~~
मां की दुआओं का हाथ सदा सिर पर छाया रहता है~~
आभा….

कह गयी मुझसे उनकी वो जुंबिशे नज़र
ब़ाकी जो ईश्क था अब खत्म हो गया…..
आभा….

भूल जाउं सारी दुनियाँ इस असर से देखिये
देखना है तो मोहब्बत की नज़र से देखिये

मेरे घर के रास्ते में नदिया नहीं बहती है
वक़्त की धूल है जो उँगलियों से झरती है

ले सको तो ले लो अपने दुःख औ अपने सुख Read more

बात कुछ यूँ हो रही है,
कि रोज़ इक ग़ज़ल हो रही है ।

उसकी मेहरबानियाँ यूँ मुझपर, Read more

Log Ishq Mein Kesay Lab Say Lab Mila Letay Hein..
Hamari Tou Un Say Nazrein Bhi Mil Jati, Tou Hosh Nahi Rehtay Thay..

Atul Azamgarhi