ऐ अन्ज़ान,
जब से वकालत में आया हूँ, मेरी नींद भी अजीब हो गई है,
रात भर आती नही, और दिन भर जाती नही।

एक पल के लिए बनाने वाला भी रोया होगा,
किसी का अरमान जब यूँ मौत की नींद सोया होगा।
हाँथों की मेहँदी छूटी भी नहीं कि चूड़ियाँ तोड़नी पड़ी,
कौन है जो ये लम्हा देखकर न रोया होगा।

दुनियां तमाम ख़रीद ली मेरी
नींद मगर भूल गये वो अमीर

—सुरेश सांगवान’सरु’ Read more

पास आने नहीं देते
मुस्कुराने नहीं देते

बोझ ज़िम्मेदारियों के Read more

उन नादानियों के दौर से यूँ हम भी गुज़रे थे,
अब क्या बताये आपको कि कैसे बिखरे थे,

शिकवे शिकायत रूठना रोज़ की बात रही,  Read more

उन नादानियों के दौर से यूँ हम भी गुज़रे थे,
अब क्या बताये आपको कि कैसे बिखरे थे,

शिकवे शिकायत रूठना रोज़ की बात रही,  Read more

यू गुमसुम ना बैठा करो,कभी खुद में भी होया करो,
क्यों गुनाह दिल से हुआ,कभी तुम भी तो सोचा करो,

क्यों घुट घुट के जीते हो,यू अश्क अपने ही पीते हो,  Read more

बहुत ढूंढा मैने
पर
अब नही मिलते हैं

वो पुराने दिन
जो  Read more

अभी इन आँखों पर पलकों का गुज़र जाना बाकी है,
ये नींद सामने है पर आपकी आँखों पर संवर जाना बाकी है,
रात गहरी है और सपनो का बिखर जाना बाकी है,
आप मुराद मांगिये तो सही ये सितारा अभी टूटा नहीं, इसका टूट जाना अभी बाकी है. Read more

ये बात नहीं है सिर्फ़ बताने के लिये
हम तो उजड़े हैं तुम्हें बसाने के लिये

कसमें ना खाओ जानम जानते हैं सब यहाँ  Read more

आँखें मेरी भी गीली हो जाती है माँ
तू बहुत ज्यादा याद आती है माँ

चली थी तो खुश थी, डांट नहीं सुनूंगी अब  Read more

कुछ छोटे सपनो के बदले,
बड़ी नींद का सौदा करने,
निकल पडे हैं पांव अभागे,जाने कौन डगर ठहरेंगे !  Read more

नव वर्ष के अभिनन्दन को आतुर सारा संसार,

भूल गए वो ज़ख्म पुराने, वो खून का कारोबार!

पिछले वर्ष ने बहुत रुलाया , सबकी नींद उड़ा दी, Read more

खुश्बूओं में खो रहे हैं
मुहब्बतो में जो रहे हैं

आज मिला है तू बमुश्क़िल
बस आँखों को धो रहे हैं  Read more

जो मेरा दोस्त भी है, मेरा हमनवा भी है,
वो शख्स, सिर्फ भला ही नहीं, बुरा भी है….

मैं पूजता हूँ जिसे, उससे बेनियाज़ भी हूँ, Read more

नींद उड़ा कर मेरी कहते है वो कि सो जाओ कल बात करेंगे,
अब वो ही हमें समझाए कि कल तक हम क्या करेंगे…Akash

लोग हर मोड़ पे रुक-रुक के संभलते क्यों हैं
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यों हैं

मैं न जुगनू हूँ, दिया Read more

तुम्हारे जिस्म की खुशबू गुलों से आती है
ख़बर तुम्हारी भी अब दूसरों से आती है

हमीं अकेले नहीं जागते Read more