तपती आंखो में कहां जीते हैं ख्वाब
धूप की जलन तो कहां पलते हैं ख्वाब

ख्वाहिशों की नर्म छांव में बैठे बैठे  Read more

सिर पर भारी बोझ उठाये चलता है
जिससे सारे कुनबे का पेट पलता है

आंगन से बाहर नहीं निकल पाती  Read more

उतर आयेगी धूप भी धीरे धीरे इत्मीनान रख
मौसम अभी सर्द है और दिलों मे लावा है…..
आभा…..

कुछ छोटे सपनो के बदले,
बड़ी नींद का सौदा करने,
निकल पडे हैं पांव अभागे,जाने कौन डगर ठहरेंगे !  Read more

खाली कागज़ पे क्या तलाश करते हो?
एक ख़ामोश-सा जवाब तो है।

डाक से आया है तो कुछ कहा होगा  Read more

ज़िंदगी अपनी  है फिर  भी  उधार  लगती  है
कुछ  और नहीं ये  दुनियां  बाज़ार  लगती है

तेज़ धूप  और  बारिश ने  ये  हाल कर दिया  Read more

कभी पुरानी गलियों में भी हो लेना
के दरवाजे अब भी रास्ता देखते हैं
सुबह कुछ अनमनी सी है दोपहर में  Read more

भीगी हुई आँखों का ये मंज़र न मिलेगा
घर छोड़ के मत जाओ कहीं घर न मिलेगा
फिर याद बहुत आयेगी ज़ुल्फ़ों की घनी शाम  Read more

चेहरों की धूप आँखों की गहराई ले गया|
आईना सारे शहर की बीनाई ले गया|

डूबे हुए जहाज़ पे क्या Read more