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दिल में कोई राज हो तो मत छुपाना,
धड़कन-ए-आवाज हो तो मत छुपाना।
मित्रता के हर कयास पर कायम रहूंगा मैं, Read more

मोहब्बत करने वालों का मक्का भी मदीना भी
ताज दिलों की धड़कन है ज़ेवर भी नगीना भी

–सुरेश सांगवान ‘सरु’

सोई हुई रातों में, धड़कनें बढ़ाती है,
कोई तो है जो दिल को लुभाती है।

उस बात की आज भी, देखिए खुमारी है, Read more

दिल हर किसी के लिए नहीं धड़कता,
धड़कनों के भी अपने कुछ उसूल होते हैं…!!

है नन्ही सी बेटी बहन प्रियतमा पत्नी और माँ
जिंदगी की धड़कन हैं इनके बिन संसार कहाँ

–सुरेश सांगवान’सरु’

इत्तफाक से हमने कुछ दूर से ही देखा था उन्हे उस रोज़, यूँ निगाह बदलते बदलते…
के आज तक हमारी धड़कने बगावत करती आई है हमसे हर रोज़, हमें कोई गैर समझते समझते…

अच्छा ही था जो करीब से ना गुजरे… वरना,
बन्दा तो कब का परवरदिगार का मुलाजिम हो चुका था यूँ बेगैरत-ईमान फिसलते फिसलते…

मन के मैल से उल्फ़त का जंतर टूट जाता है
साहिल टूट जाये तो समंदर टूट जाता है

बिखर गया तिनका तिनका आँधी के आने से  Read more

बेचैनियों  को  दिल  की  पैग़ाम  कोई  तो  दे
मेरी  निकहतों  को  दिलबर काम कोई तो दे

हवा महकते गुलाब की या ख़ला  ही कर अता  Read more