हम दुअओ में तुम्हे मांगना नही चाहते
पर तुम्हे ही पाने की सोचते है  Read more

ये कौन न जाने दुआएँ दे रहा है
सूखे पत्ते को हवाएँ दे रहा है

–सुरेश सांगवान ‘सरु’

तुम हमेशा के लिए हमारे हो जाओ अब तो हर रोज बस दुआ यही करते हैं
एक तुम्ही हो जिस पर हम दिलो जान से मरते हैं
माना हम नहीं करते मोहब्बत अपनी लफ्जों मे बंया
लेकिन इतना समझ लो के बेइतंहा मोहब्बत तुमसे करते हैं।

आस्मां हमेशा मेरे ही कदमों में नजर आया करता है ~~
मां की दुआओं का हाथ सदा सिर पर छाया रहता है~~
आभा….

ऐ अन्ज़ान,
दुआ कौन सी थी ये हमे याद नही… बस इतना याद है मुझे,
दो हथेलियाँ जुड़ी थी, एक तुम्हारी थी और एक हमारी थी।

तुम क्या जानो ए साहिबा के कितना प्यार तुमसे करते है
दीदार पाने को तुम्हारा हर दिन हम दुआएं हजार करते है
क्यू तुम हमसे यू रूठे रूठे रहते हो  Read more

अपने घर के सब दरवाज़े खोल दो
बंद कमरों में गीत नहीं लिख पाऊँगा ।

नक़ाब सारे हटा दो अपने चेहरे के  Read more

जब भी कश्ती मेरी सैलाब में आ जाती है,
माँ दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है,

रोज़ मैं अपने लहू से उसे ख़त लिखता हूँ, Read more