आ चल लहरों संग नाचेंगे।

इक दूजे संग कैसा तालमेल,
अपनों से ऐसा मधुर मेल। Read more

कई राज दिल में है दफ़न ,
कई ख्याल दिल में जाग रहे ,
जो करते प्यार सचे दिल से ,
क्यूँ दूर दुखों से भाग रहे ,
उन्हें क्या पता यही मंज़िल है ,
आखिर यहीं पे तो आना है |

एक समय की बात है, एक गाँव में महान ऋषि रहते थे| लोग उनके पास अपनी कठिनाईयां लेकर आते थे और ऋषि उनका मार्गदर्शन करते थे| एक दिन एक व्यक्ति, ऋषि के पास आया और ऋषि से एक प्रश्न पूछा| उसने ऋषि से पूछा कि “गुरुदेव मैं यह जानना चाहता हुईं कि हमेशा खुश रहने का राज़ क्या है (What is the Secret of Happiness)?” Read more

मेरे घर के रास्ते में नदिया नहीं बहती है
वक़्त की धूल है जो उँगलियों से झरती है

ले सको तो ले लो अपने दुःख औ अपने सुख Read more

मधुशाला भाग – 6 (हरिवंश राय बच्चन)

साकी, जब है पास तुम्हारे इतनी थोड़ी सी हाला,
क्यों पीने की अभिलाषा से, करते सबको मतवाला,
हम पिस पिसकर मरते हैं, तुम छिप छिपकर मुसकाते हो,  Read more

चोट कड़ी है काल प्रबल की,
उसकी मुस्कानों से हल्की,
राजमहल कितने सपनों का पल में नित्य ढहा करता है|
मुझ से चाँद कहा करता है– Read more