मुफलिसी में भी यहाँ, सुकून से हर बशर रहता है,
उन रेशमी परदों की दीवारों से,डर लगता है।

कितनी आजादी है,इन बस्तियों में रहने वालों को, Read more

तुझे पाने को तेरे नाम से कई दें चुका हूँ अर्जीयाँ,
चलती नहीं मेरी रज़ा सब चलती रब की मर्जीयाँ।
झूठी कसमें झूठे वादे झूठी तेरी मोहब्बते, Read more

दूरियां दीवार की मोहताज़ नहीं होती
नफ़रते तलवार की मोहताज़ नहीं होती

कौन बोले है न बोले रब के लिये  Read more

बादशाह की मात को इक्के निकल आते हैं
पक्के वादे भी जब कच्चे निकल आते हैं

ये क़िताब-ए-ज़िंदगी और रिश्तों के धागे Read more

अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जायेगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझ को चाहेगा

तुम्हे ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा  Read more

अस्मत क्या बिकाऊ थी उसकी,
जो तूने लूट ली?
करके एक अबला की इज्ज़त को तार-तार,
अपने पुरुषार्थ की चादर ओढ़ ली||

किसी के चमन की कली,  Read more

इतनी पी जाये की मिट जाये मैं और तू की तमीज,
यानी की ये होश की दीवार अब गिरा दी जाये…