सामने ये मेरे मंज़र नहीं होता
तू बसा गर दिल के अंदर नहीं होता

सुरेश सांगवान’सरु’

अग्निकुंड में डूब कर
भी “मैं” नहीं पिघलता

जलता हूं फिर भी नही मरता  Read more

जश्न मना काफ़िर जरा, आज मौका ख़ुशी का है,
जला है घर मेरा अभी, ये नज़ारा उसी का है,

बातें लिखी है वादों भरी, इन रद्दियो के ढेर में, Read more

आँखों में रहा दिल में उतरकर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफ़िर ने समन्दर नहीं देखा

बेवक़्त अगर जाऊँगा, सब चौंक पड़ेंगे Read more

चाँद भी शरमाता है, यूँ देख के तेरा बाँकपन,
गैरों से तो ठीक है, अपनों से कैसा परदापन,

जाने कब जानोगी तुम, प्यार है ये जन्मों का,  Read more

ठिकाना ढूँढती बहती हवा सी लगती हूँ
ज़िंदगी से नहीं खुद से खफ़ा सी लगती हूँ

मुझ में बस गई है आकर किस ज़ोर से देखो Read more

माँ रोते में मुस्कुराना तुमसे सीखा है
कारे दुनियाँ का ताना-बाना तुमसे सीखा है

गर्दिश-ए-दौरा तो आनी जानी शै  Read more

ख़ुदाया प्यार में यूँ बंदगी अच्छी लगी
रही मैं ना मैं मुझे बेखुदी अच्छी लगी

खलाएँ जीस्त की मेरी तमाम भर गई  Read more

तुम हमेशा के लिए हमारे हो जाओ अब तो हर रोज बस दुआ यही करते हैं
एक तुम्ही हो जिस पर हम दिलो जान से मरते हैं
माना हम नहीं करते मोहब्बत अपनी लफ्जों मे बंया
लेकिन इतना समझ लो के बेइतंहा मोहब्बत तुमसे करते हैं।

इश्क की अदालत में हार मेरी लाज़िमी थी,
ये नादाँ दिल मेरा पैरवी उसकी करता रहा.
~ मनोज सिंह”मन”

बता दे यार मेरे तुझको प्यार है कि नही,
मेरे नसीब में भी कोई बहार है कि नही,

तेरी उम्मीद पे ठहरा हूँ मुद्दत से राहों में,  Read more

ना किसी की यादों ने सताया कभी
ना कभी दिल टूटा हैं
हमारा दिल तो वो पानी है दोस्तों
जो अपनी मस्ती मे बहता है
फिर भी ना जाने क्यू ख्याल आजकल किसी अजनबी का रहता है।

हौसलों की आज उड़ान देखिये
और सूरत-ए- आसमान देखिये

फूल पे बिखरी मुस्कान देखिये  Read more

अब्र की स्याही से लिखा लगता है,
भविष्य मेरे देश का,
कि जल कर ख़ाक हुआ जाता है, Read more

मंज़िल अपनी जगह रास्ता अपनी जगह है
ज़िंदगी में सफ़र का मज़ा अपनी जगह है

मंदिर जाते हो कभी मस्जिद जाते हो Read more

मेरे दिल का वही कोना जागता रहता है
जहां तेरी यादों का सफर साथ रहता है.
आभा..

जहां को दिलवालों की कद्र करते किसने देखा है
किसी पत्थर को आख़िर आह भरते किसने देखा है

सदा से आते जाते हैं मौसम ये रुत बहारों की  Read more

दिल हर किसी के लिए नहीं धड़कता,
धड़कनों के भी अपने कुछ उसूल होते हैं…!!

इश्क़ में हमारी बे-ज़ुबानी देखते जाओ
उस पर आलम की तर्जुमानी देखते जाओ

तुम ना आओगे कभी मुन्तज़िर हम फिर भी हैं  Read more

ये मौत क्या दफन करेंगी हमारी सांसों को…
जब हमारी सांसों पर हमारा अधिकार ही न रहा…
हम बस कहते रहे कि हमें मुहब्बत नहीं उनसे…
और न जाने कब हमारे दिल पर हमारा इख्तीहार ही न रहा…