हाले ऐ दिल अपना कभी सुनाओ भी
कभी हमसे मिलो खुद को मिलवाओ भी

यहाँ हर शख़्स सलीब पर है अकेला  Read more

ऐ अन्ज़ान,
विधि छात्रावास के लड़के बहुत ही शरारती हैं,
आज फिर तुम्हारा नाम मेरे दरवाजे पर लिख गये।