बुझे चराग़ में भी कुछ जला रखा है
ज़िंदगी में क्या जाने मज़ा रखा है

नहीं होता ज़ोर किसी का किसी पर  Read more

किसी मोहब्बत वाले वकील से ताल्लुक है क्या?
मुझे अपना महबूब अपने नाम करवाना हैं..!!  Read more

यूँ तुझे ढूँढने निकले की ना आये खुद भी
वो मुसाफ़िर की जो मंजिल थे बजाये खुद भी

कितने ग़म थे की ज़माने Read more