मोहब्बत करने वालों का मक्का भी मदीना भी
ताज दिलों की धड़कन है ज़ेवर भी नगीना भी

–सुरेश सांगवान ‘सरु’

दिल ऎसा कि सीधे किए जूते भी बड़ों के,
ज़िद ऎसी कि ख़ुद ताज उठा कर नहीं पहना !
-मुनव्वर राना