दूरियां दीवार की मोहताज़ नहीं होती
नफ़रते तलवार की मोहताज़ नहीं होती

कौन बोले है न बोले रब के लिये  Read more

तलवार तीर तो कभी खंज़र भी आयेंगे
सेहरा कहीं कहीं पे समंदर भी आयेंगे

—-सुरेश सांगवान’सरु’