मोहबत में तन्हाई है
तेरे और मेरे मिलने में रूसवाई है
तूने अपनो को छोङा मेरे लिए
खुदा की नाइंसाफी देखो
मैने जग ही छोङ दिया तेरे लिए।

ये किस मक़ाम पर जाने तक़दीर मुझे ले आई है
मन तन्हा टूटी कश्ती और फलक़ पे तन्हाई है
–सुरेश सांगवान’सरु’

आँख में ख़्वाबों को सजाती हूँ
या कहो मुसीबतें बुलाती हूँ

जश्न महफ़िल में मैं मनाती हूँ  Read more

परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता
किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता

बडे लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना  Read more

इस दुनिया के सबसे खुशनसीब शख्स हम होते,
गर इस तन्हा रात में तकिये की जगह हमारी बांहों मे तुम होते।

आज आप भी तन्हाई में किसी को याद करते होंगे,
हमे यकीं है वो आपके लिए कुछ ख़ास रहे होंगे…
दिली तमन्ना है हमारी रब से के आपको वो जल्द मिले,
मुझे पता है वो दूर रह के भी दिल के पास रहे होंगे…  Read more

हाले ऐ दिल अपना कभी सुनाओ भी
कभी हमसे मिलो खुद को मिलवाओ भी

यहाँ हर शख़्स सलीब पर है अकेला  Read more

उसे पाना, उसे खोना, उस के हिज्र (याद ) में रोना,
यही अगर इश्क़ है “मोहसिन” तो हम तनहा ही अच्छे है.

हाले ऐ दिल अपना कभी सुनाओ भी
कभी हमसे मिलो खुद को मिलवाओ भी
यहाँ हर शख़्स सलीब पर है अकेला  Read more

ख्वाहिश है इस दिल की ये
ऐ वक़्त ज़रा तू पीछे चल।
मैं जी लूँ फिर से लम्हे वो Read more

भीड़ तन्हाई की घटे तो खुद को ढूंढू मैं
कि तेजी है बहुत, अकेली रात के लहज़े में…..
आभा…

हाथों की लक़ीरों ने क्या खेल दिखाया,
जिनसे न मोहब्बत थी हमें उनसे मिलाया।

हाथों में नहीं दम पांवों भी थके हैं,  Read more

लिखना चाहा ख़त तुझे एक शाम,
क़लम हाथ में और बगल में जाम,
सोचा था शिक़ायत लिखूंगा, शिक़वे करूंगा,  Read more

डबडबाई सी आँखों को ख़्वाब क्या दूं
चेहरा पढ़ने वालों को क़िताब क्या दूं

मुस्कुराहट और ये जलवा-ए-रुखसार  Read more

ज़िंदगी  धुआँ -धुआँ  शाम  सी  लगती है
हर  बात  खास  मुझे आम सी  लगती है

तन्हाइयों  के  घर  मुझे  छोड़  गया  वो Read more

मेरी तन्हाइयो से न डर ए दोस्त
हम जहाँ जाते है तुम्हें दिल में ले जाते है…
-आभा

मोहब्बत में टूटे, तो फिर संभालना नही आया,
उनसे बिछड़े है जबसे, फिर मचलना नही आया,

मेरे दिल की,तासीर ही Read more

चेहरों की धूप आँखों की गहराई ले गया|
आईना सारे शहर की बीनाई ले गया|

डूबे हुए जहाज़ पे क्या Read more