ए दिल जरा बता दे ,ये कैसे है मुनासिब,
कि प्यार भी हो जाये,बर्बाद भी न हो हम,

अबतक नही हुआ जो,वो चाहता है तू क्यों, Read more

बातें दिल की हैं हर किसी से कह नहीं सकता
मैं एक क़तरा हूं तनहा तो बह नहीं सकता

सुरेश सांगवान ‘सरु ‘  Read more

ये किस मक़ाम पर जाने तक़दीर मुझे ले आई है
मन तन्हा टूटी कश्ती और फलक़ पे तन्हाई है
–सुरेश सांगवान’सरु’

ऐ अन्ज़ान,
इससे बेहतर क्या सजा थी, जो वो देती मुझको।
कर गयी मुझको तनहा, मगर अपना बना के।

जब कभी भी मन उदास होता है,
तन्हा होने का अहसास होता है,

क्यों ख़ुशी पल में यू रूठ जाती है,  Read more

जो अधूरी रह गयी थी वो कहानी सोचना,
कभी बैठकर तन्हा अपनी बातें पुरानी सोचना…

बहुत गरीबाँ हूँ मै, इतना होते हुये,
कितना रोया था मै,तुमको खोते हुये,

तेरी यादों के संग,अब जीता हूँ मै,  Read more

मैं अपने साथ रहता हूँ हमेशा,
अकेला हूँ मगर तन्हा नहीं हूँ…

वो उम्र भर तो साथ निभा ना सका मेरा लेकिन,
याद बनकर उसने मुझे कभी तन्हा ना छोड़ा…<3

मुझसे बिछड़ के ख़ुश रहते हो
मेरी तरह तुम भी झूठे हो

इक टहनी पर चाँद टिका था Read more

यू ,मुझे तड़पता, छोडकर जाने वाले,
लौट आ मेरा आशियाँ सजाने वाले,

यू तन्हा जीना, बहुत Read more

ज़माना मेरी हँसी को,मेरी ख़ुशी समझता रहा,
मै ऐसे ही उन्हें भुलाने की,कोशिश करता रहा,

कभी चोट खाई थी,प्यार में इस दिल में भी,
एक दर्द सा ताउम्र को, Read more