आज वो मुझसे इतना खफा क्यों है,
है नफरत तो आँखों में बफा क्यों है।

अब तो उनके कूँचे में आना-जाना भी नहीं,  Read more

काश कि ये हालात,एकबार फिर बदल जाते,
अबकी तेरे बदलने से पहले,हम बदल जाते,

कितना ग़मज़दा रहा हूँ,तेरी जुदाई में सनम,  Read more

जो चल सको तो कोई ऐसी चाल चल जाना
मुझे गुमाँ भी ना हो और तुम बदल जाना

ये शोलगी हो बदन की तो क्या किया जाये Read more

ऐसे चुप हैं कि ये मंज़िल भी कड़ी हो जैसे
तेरा मिलना भी जुदाई कि घड़ी हो जैसे

अपने ही साये से हर गाम लरज़ जाता हूँ Read more

तेरा जाना दिल को कभी गँवारा ना हुआ,
ऐसा रूठा हमसे फिर कभी हमारा ना हुआ,

बहुत हसरत रही कि तेरे Read more

मोहब्बत में टूटे, तो फिर संभालना नही आया,
उनसे बिछड़े है जबसे, फिर मचलना नही आया,

मेरे दिल की,तासीर ही Read more

कितना आसां था तेरे हिज्र में मरना जाना;
फिर भी इक उम्र लगी जान से जाते-जाते।

हिज्र: जुदाई

किस-किस को बतायेंगें जुदाई का सबब हम,
तू मुझसे खफ़ा है तो ज़माने के लिए आ…

ऐसे चुप है कि ये मंज़िल भी कड़ी हो जैसे​;​
​तेरा मिलना भी जुदाई की घड़ी हो जैसे​;​​​
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​​अपने ही साये से हर कदम Read more