मुझे तूझसे कोई सिकवा नही
तेरे दरद को श्यारी बना दिया

मैंने भी अपने हारे मुकदर को
तेरी याद में जीत का सिकंदर बना दिया

-Nisha nik.

हमारा दिल भी उनका दिल नहीं जीत पाया,
और गैरो की पायलें ही उनको अपना बना गयी।

एक दौर
जहाँ सिर्फ प्रगति की
विकास की बातें होनी थी
अत्याचार, भ्रष्टाचार के खिलाफ  Read more

ना पूछो के मंजिल का पता क्या है,
अभी बस सफर है सफर का दीदार  होने दो…

हमें परवाह नहीं की जीत  हमारी है या हार, Read more

क्या हार में क्या जीत में किंचित नही भयभीत में,
कर्तव्य पथ पर जो भी मिले जीत भी सही और हार भी सही !

फैसला कोई भी हो मैं हार ही जाऊँगी
दिल तेरे प्यार का मुद्दमा मुझसे जीता ना जायेगा