तीरगी चांद के ज़ीने से सहर तक पहुँची
ज़ुल्फ़ कन्धे से जो सरकी तो कमर तक पहुँची

मैंने पूछा था कि ये हाथ में पत्थर क्यों है  Read more

जिस्म का दिल से अगर वास्ता नहीं होता !
क़सम खुदा की कोई हादसा नहीं होता !…

तुझे याद ना करू तो जिस्म टूटता है मेरा फ़राज़
उम्र गुजरी है तेरी याद का नशा करते करते…

दिल के परिंदे की कुछ यूँ उड़ान चलती रही…
जिस्मो-रूह में हर- पल खींच-तान चलती रही…
–Saru

मात-पिता और गुरु का मान  हमेशा  रखना
बेटा  अच्छे – बुरे  का  ज्ञान   हमेशा  रखना

नरेन  सुभाष  टेगौर  कलाम  रमन  के  जैसे  Read more

पूरे का पूरा आकाश घुमा कर बाज़ी देखी मैने,
पूरे का पूरा आकाश घुमा कर बाज़ी देखी मैने

काले घर में सूरज चलके, तुमने शायद सोचा था Read more

हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है?
तुम ही कहो कि ये अंदाज़-ए-ग़ुफ़्तगू क्या है?

रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल Read more

तुम्हारे जिस्म की खुशबू गुलों से आती है
ख़बर तुम्हारी भी अब दूसरों से आती है

हमीं अकेले नहीं जागते Read more