झुकी हुई नजरों से,मुस्कुराना तेरा,
बहुत याद आ रहा, मिल के जाना तेरा।

वो नजाकत औ शरारत, कि अब तक याद है,  Read more

माना महरूम हुये है हम तेरी चाहत से,
मगर यकीं उठा नही है अभी मोहब्बत से,

जब भी दिख जाओगे कंही राहों में हमें, Read more

माना महरूम हुये है हम,तेरी चाहत से,
मगर यकीं उठा नही है अभी मोहब्बत से,

जब भी दिख जाओगे,कंही राहों में हमें,  Read more

ज़िक्र होता है मेरा बारहा उसकी जुबां पर
हिचकियाँ बेसबब मुझे यूँ ही नहीं आती

वो जब सोती है तो भीग जाता है तकिये का कोना  Read more