तुम हमेशा के लिए हमारे हो जाओ अब तो हर रोज बस दुआ यही करते हैं
एक तुम्ही हो जिस पर हम दिलो जान से मरते हैं
माना हम नहीं करते मोहब्बत अपनी लफ्जों मे बंया
लेकिन इतना समझ लो के बेइतंहा मोहब्बत तुमसे करते हैं।

ऐ अन्ज़ान,
कभी होंठों पर अगुंलिया, कभी गिरेंबां खींचना,
उसका अन्दाज-ए-हक़ जताना ही बड़ा जानलेवा है।

ऐ अन्ज़ान,
उतर जाते है कुछ लोग दिल में इस कदर कि,
जिनको अगर दिल से निकालों तो जान चली जाती है।

मुझसे जां बचाने के बहाने न तलाश कर….
कोई और न मिलेगा हम सा….. हमें छोड़ कर…
आभा….

अगर ख़िलाफ़ हैं होने दो जान थोड़ी है
ये सब धुआँ है कोई आसमान थोड़ी है

लगेगी आग तो आएँगे घर Read more