आँख प्यासी है कोई मन्ज़र दे
इस जज़ीरे को भी समन्दर दे

अपना चेहरा तलाश करना है  Read more

ऐ मुल्क,
जब कभी जी में आये तो ले लेना इम्तिहान हमारी देशभक्ति का,
हम मुल्क की खातिर लहू भी दें देगें चिरागों में जलाने के लियें।