जब आया मेरा चांद छत पर चांद देखने
तो चांद भी मेरे चांद का दीवाना हो गया।

चांदनी बिखरा रहा है चाँद फिर भी
लोग हैं के कैद करने में लगे हैं

सुरेश सांगवान’सरू’

हुई शब तो चाँद -सितारों को पहरेदार किया
उतर के पानी में दरिया को खुद ही पार किया
—-सुरेश सांगवान ‘सरु’

तीरगी चांद के ज़ीने से सहर तक पहुँची
ज़ुल्फ़ कन्धे से जो सरकी तो कमर तक पहुँची

मैंने पूछा था कि ये हाथ में पत्थर क्यों है  Read more

चाँद मुखबिर है तुम्हारा, तो होने दो
याद में नैना मुस्करायें है शब भर
आभा..

चाँद भी शरमाता है, यूँ देख के तेरा बाँकपन,
गैरों से तो ठीक है, अपनों से कैसा परदापन,

जाने कब जानोगी तुम, प्यार है ये जन्मों का,  Read more

जिन्दगी की सरलता से परहेज हो गया….
हमें उस दिन जिन्दगी से फिर इश्क़ हो गया….
जब पाई शिक्सत उन गलियों में जीनमे उनका ठिकाना था…
लगा बिना ईद  ही ईद के चॅाद का दिदार हो गया ….

बाज समय की कोठरी से
निकल एक दिन
किसी छोटे बच्चे की उॅंगली पकड़
ब्रह्माण्ड को इस छोर से उस छोर तक  Read more

चोट कड़ी है काल प्रबल की,
उसकी मुस्कानों से हल्की,
राजमहल कितने सपनों का पल में नित्य ढहा करता है|
मुझ से चाँद कहा करता है– Read more

कभी आंसू कभी खुशबु कभी नगमा बनकर
हमसे हर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर

चाँद निकला है तेरी आँख के आंसू की तरह Read more

यकीं उसकी उल्फ़त का मुझे आने तो दे
हँस   भी  लेंगे  पहले  मुस्कुराने  तो दे

तीर  क्या नज़रों  से तलवार चला जानां  Read more

मुझसे बिछड़ के ख़ुश रहते हो
मेरी तरह तुम भी झूठे हो

इक टहनी पर चाँद टिका था Read more

सबको रुसवा बारी-बारी किया करो
हर मौसम में फ़त्वे जारी किया करो

रातों का नींदों से रिश्ता Read more