बड़ी तकलीफ देती है वो ख्वाहिशें
जो हजारों कोशिश करने के बाद भी मुक्कमल नहीं होती।

जहां तक हो सका हमने तुम्हें परदा कराया है
मगर ऐ आंसुओं! तुमने बहुत रुसवा कराया है

चमक यूं ही नहीं आती है खुद्दारी के चेहरे पर Read more

ख्वाहिश है इस दिल की ये
ऐ वक़्त ज़रा तू पीछे चल।
मैं जी लूँ फिर से लम्हे वो Read more

हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश प दम निकले,
बहुत निकले मेरे अरमां लेकिन फिर भी कम निकले…