फिर एक मंदिर ढहा है आज,
एक मस्जिद शहीद हुई है,
इंसानों की बस्ती मैं देखो आज, Read more

क्या बताऊँ ये जिंदगी किस मोड़ पे ले आई है
आज तो उन रिश्तों का भी हमसे विश्वास उठ गया जिन्हें दुनिया वाले खून के कहते हैं।